स्मार्टफोन यूजर्स अक्सर बैटरी जल्दी डिस्चार्ज होने की समस्या से परेशान रहते हैं। फोन की स्क्रीन ज्यादा बड़ी है और उस पर लगातार इंटरनेट का इस्तेमाल किया जा रहा है, तो बैटरी का बैकअप और भी कम हो जाता है। ऐसे यूजर्स के लिए परेशानी अब जल्द खत्म होने वाली है। दरअसल, बीजिंग में रिसर्च के बाद एक नई बैटरी बनाई गई है। साथ ही, ऐसा दावा किया गया कि ये सिर्फ 6 मिनट में 0 से 100% तक चार्ज हो जाएगी। वहीं, दूसरी तरफ एक ब्रिटिश पावर टेक्नोलॉजी कंपनी ने हाइड्रोजन पावर बैटरी बनाई है। जो 7 दिन का लंबा बैकअप देगी।
इस बैटरी में टाइटेनियम डाइऑक्साइड को एल्युमिनियम के चारों तरफ लगया है। जो बैटरी की निगेटिव इलेक्ट्रोड के रूप में कार्य करता है। कंपनी की मानें तो इसमें मौजूदा लिथियम बैटरी की तुलना में चार गुना ज्यादा कैपेसिटी होगी। एक लीडिंग अखबार की रिपोर्ट की मानें तो बीजिंग स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड सिंघुआ यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम ने इसकी खोज की है।
इस रिसर्च को एल्युमिनियम में पुरानी लिथियम बैटरी को रखकर किया गया था। जिसके बाद ये परिणाम सामने आया कि एल्युमिनियम एक हाई कैपेसिटी का मटेरियल है, लेकिन ये चार्जिंग और डिस्चार्जिंग के साथ सिकुड़ता है।
ब्रिटिश पावर टेक्नोलॉजी कंपनी ने जो हाइड्रोजन पावर बैटरी बनाई है, जिसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के कॉम्बिनेशन वाले छोटे और पतले फ्यूल सेल दिए हैं। कंपनी ने इस बात का भी दावा किया है कि ये बैटरी पूरे सप्ताह बैकअप दे सकती है। कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव हेनरी विनएंड ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा कि हमसे पहले ऐसा काम किसी ने नहीं किया। फोन में इस्तेमाल बैटरी की लाइफ एक दिन की होगी, लेकिन जब चार्जिंग की जरूरत हो तब हाइड्रोजन गैस को हेडफोन जैक से बैटरी के अंदर डाला जा सकेगा।
इस बैटरी में टाइटेनियम डाइऑक्साइड को एल्युमिनियम के चारों तरफ लगया है। जो बैटरी की निगेटिव इलेक्ट्रोड के रूप में कार्य करता है। कंपनी की मानें तो इसमें मौजूदा लिथियम बैटरी की तुलना में चार गुना ज्यादा कैपेसिटी होगी। एक लीडिंग अखबार की रिपोर्ट की मानें तो बीजिंग स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड सिंघुआ यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम ने इसकी खोज की है।
इस रिसर्च को एल्युमिनियम में पुरानी लिथियम बैटरी को रखकर किया गया था। जिसके बाद ये परिणाम सामने आया कि एल्युमिनियम एक हाई कैपेसिटी का मटेरियल है, लेकिन ये चार्जिंग और डिस्चार्जिंग के साथ सिकुड़ता है।
ब्रिटिश पावर टेक्नोलॉजी कंपनी ने जो हाइड्रोजन पावर बैटरी बनाई है, जिसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के कॉम्बिनेशन वाले छोटे और पतले फ्यूल सेल दिए हैं। कंपनी ने इस बात का भी दावा किया है कि ये बैटरी पूरे सप्ताह बैकअप दे सकती है। कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव हेनरी विनएंड ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा कि हमसे पहले ऐसा काम किसी ने नहीं किया। फोन में इस्तेमाल बैटरी की लाइफ एक दिन की होगी, लेकिन जब चार्जिंग की जरूरत हो तब हाइड्रोजन गैस को हेडफोन जैक से बैटरी के अंदर डाला जा सकेगा।

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