एप्पल अपना नया आईफोन (iPhone) कल सैन फ्रांसिस्को में लॉन्च करने जा रही है। कंपनी का नया आईफोन 6S होगा, या फिर आईफोन 7, इस पर पर्दा इवेंट के दौरान ही उठेगा। वैसे, नए आईफोन की लॉन्चिंग से पहले पुराने मॉडल की कीमत को कई ई-कॉमर्स साइट ने कम कर दिया है। आईफोन की कुछ मॉडल तो 10,000 रुपए के अंदर आ रहे हैं। ऐसे में यूजर्स के पास आईफोन खरीदने का अच्छा मौका है। हालांकि, कम कीमत के लालच में यूजर को नुकसान भी हो सकता है। दरअसल, मार्केट में नकली (fake) आईफोन भी मिल रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप नया आईफोन लेते वक्त पूरी सावधानी दिखाएं।
Techhindi.net आपको असली और नकली आईफोन की पहचान करने के कुछ टिप्स दे रहा है, जो आपके काम आ सकते हैं। हम आईफोन 6 के ऑरिजनल और फेक स्मार्टफोन के बीच अंतर बता रहे हैं।
Real and Fake : iPhone 6
टिप्स नंबर-1
कीमत (Price)
एप्पल ने जब आईफोन 6 को लॉन्च किया था, जब 16GB (गोल्ड) वेरिएंट की कीमत भारत में करीब 56,000 रुपए तय की थी। हालांकि, अब ये फोन आपको ई-कॉमर्स साइट पर 41,450 रुपए तक मिल जाएगा। ऐसे में जरूरी है कि आप सिर्फ पॉपुलर ई-कॉमर्स वेबसाइट से ही इसे खरीदें। दूसरी तरफ, यदि आप इस फोन को रिटेल शॉप या किसी ऑफलाइन शॉप से खरीद रहे हैं और वो आपको काफी कम कीमत में देने को तैयार हो जाता है, तो जरा सावधान रहें। फोन को खरीदने से पहले इन चीजों को जरूर चेक करें।
1. बटन की लोकेशन
2. स्क्रीन साइज
3. एप्पल का लोगो
4. ऑपरेटिंग सिस्टम
5. सीरियल नंबर
6. बिल्ट-इन ऐप्स
7. मेमोरी कैपेसिटी
8. मोटाई और वजन
9. वेलकम स्क्रीन
10. वारंटी
दरअसल, किसी भी रियल और फेक हैंडसेट में इन फीचर्स का ही बड़ा अंतर होता है। ऐसे में कोई आपको ऑफिशियल स्टोर या ऑनलाइन स्टोर से कम कीमत में फेक आईफोन 6 दे सकता है।
टिप्स नंबर-2
बॉक्स (Box)
आपका नया आईफोन 6 असली है या नकली, इसकी शुरुआत उसके बॉक्स से शुरू हो जाती है। दरअसल, दोनों के बॉक्स में बड़ा अंतर है, जिसे आप पहचान जाते हैं, तो नकली आईफोन 6 खरीदने से बच जाएंगे। दोनों बॉक्स में सबसे पहला और बड़ा अंतर ये है कि असली पर ब्लैक कलर के टेक्स्ट में iPhone, जबकि नकली वाले बॉक्स पर गोल्ड या ऑरेंज कलर के टेक्स्ट में iPhone लिखा होता है। दोनों बॉक्स के साइज में भी अंतर होता है। ऑरिजनल बॉक्स कॉम्पैक्ट होता है। वहीं, फेक बॉक्स का साइज बड़ा है। इसके साथ, ऑरिजनल के पीछे फोन के बारे में कुछ लिखा होता है। साथ ही, इस पर बार कोड होता है। जबकि, फेक बॉक्स के पीछे कुछ नहीं लिखा होता।
टिप्स नंबर-3
बॉक्स के अंदर (Inside Box)
बॉक्स के अंदर सबसे पहले आईफोन 6 के साइज का प्लास्टिक कार्ड निकलता है। ऑरिजनल और फेक दोनों में ही ये कार्ड लगभग एक जैसी क्वालिटी का होता है। दोनों के सेंटर में एक होल होता है। ऑरिजनल कार्ड में कैमरा की जगह पर भी होल होता है, लेकिन फेक में ये नहीं होता। इसके बाद, फोन से संबंधित पेपर होते हैं, जिसमें ऑरिजनल की क्वालिटी बेहतर होती है। इतना ही नहीं, ऑरिजनल बॉक्स के अंदर मौजूद पेपर में सेफ्टी के लिए क्लिप भी लगी होती है।
टिप्स नंबर-4
एक्सेसरीज (Accessories)
पेपर्स के नीच की तरफ आईफोन 6 की एक्सेसरीज का प्लास्टिक ट्रे होती है। इसमें एक इयरफोन होता है। ये इयरफोन देखने में दोनों बॉक्स (ऑरिजनल और फेक) में एक जैसा होता है। ऐसे में इसकी क्वालिटी का पता सुनने के बाद ही लग सकता है। ऑरिजनल ट्रे में डाटा केबल और चार्जर की जगह होती है, जबकि फेक के अंदर सिर्फ चार्जर की जगह दिखती है। फेक बॉक्स में डाटा केबल इयरफोन के नीचे की तरफ होती है। इस तरह आप दोनों बॉक्स के अंदर के डिजाइन को देखकर भी असली-नकली का पता लगा सकते हैं।
टिप्स नंबर-5
फोन का बैक (Back of Phone)
आईफोन 6 के रियल और फेक फोन के बीच पता लगाने का आसान तरीका इसकी बैक साइड है। दरअसल, बैक कवर पर iPhone के नीचे की तरफ जो अन्य टेक्स्ट लिखे होते हैं, वो बॉटम की तरफ होते हैं। दूसरी तरफ, फेक फोन में ये सब कुछ थोड़ा ऊपर की तरफ होता है। इसके अलावा, आईफोन का लोगो फेक फोन में किसी मिरर की तरह होता है। यानी इसमें शेडो रिफलेक्ट होती है। दूसरी तरफ, ऑरिजनल फोन में लोगो रिफलेक्ट नहीं करता। हालांकि, साइनिंग इसमें भी होती है। वहीं, बैक में जो लाइन होती हैं इनमें भी बड़ा अंतर होता है।
टिप्स नंबर-6
कैमरा की पहचान (Identify Camera)
फेक आईफोन 6 का कैमरा भी ऑरिजनल से देखने में पूरी तरह अलग हैं। हालांकि, इसके लिए आपको पैनी नजर का इस्तेमाल करना होगा। दरअसल, ऑरिजनल आईफोन 6 का कैमरा अंदर की तरफ से वाइड डायमीटर में होता है। जबकि, फेक फोन का कैमरा देखने में सीधा नजर आता है और इसके चारों तरफ एक सिल्वर का डायल होता है। इसके अलावा, रियल आईफोन 6 का LED फ्लैश लाइट यलो कलर का नजर आता है और ये फैला हुआ होता है। वहीं, फेक फोन में ये फ्लैश यलो दिखाई देता है और अंदर की तरफ से सिकुड़ा होता है।
टिप्स नंबर-7
मोटाई और बटन (Thickness and Button)
जब यूजर रियल और फेक आईफोन 6 की मोटाई और बटन की तुलना करेंगे, तो सावधानी ज्यादा दिखाना होगी। दरअसल, दोनों ही फोन लगभग बराबर मोटे नजर आते हैं। हालांकि, जब दोनों को करीब से देखा जाए तो रियल फेक से थोड़ा पतला है। दूसरी तरफ, साइड बटन भी देखने में एक जैसे हैं, लेकिन जब इन्हें इस्तेमाल करते हैं तो रियल की तुलना में फेक के बटन हार्ड हैं और इन्हें दबाने में ज्यादा ताकत लगती है। वहीं, वॉल्यूम की (Key) भी रियल की ज्यादा फ्री हैं। इन्हें दबाने पर ये आवाज करती है
टिप्स नंबर-8
डिस्प्ले और आईकॉन (Display and Icon)
बॉडी और बाहरी हार्डवेयर के बाद बात करते हैं डिस्पेल और आईकॉन की। जब इन दोनों फोन को ऑन (On) किया गया, जो डिस्प्ले में सबसे बड़ा अंतर शार्पनेस का आता है। वहीं, ऊपर की तरफ जो बैटरी परसेंट का आईकॉन डिफरेंट कलर का होता है। वहीं, नीचे की तरफ कैमरा का आईकॉन भी अलग है। दोनों हैंडसेट में 'slide to unloke' का ऑप्शन भी अलग तरह से डिस्प्ले होता है। रियल आईफोन में ये ऑप्शन एनिमेशन के साथ आता है, जबकि फेक में डायरेक्ट शो करता है।
टिप्स नंबर-9
नॉटिफिकेशन स्क्रीन (Notification Screen)
दोनों आईफोन 6 (रियल और फेक) की नॉटिफिकेशन स्क्रीन में भी बड़ा अंतर है। रियल की स्क्रीन ब्लैक होती है, जबकि फेक की स्क्रीन कलरफुल है। इसके साथ, जब दोनों के Today ऑप्शन पर क्लिक करें तो रियल डे और डेट शो करता है। वहीं, फेक में ऐसा नहीं है। इसके बाद, जब कंट्रोल मेनु (नीचे की तरफ से स्क्रॉल करके) पर जाएं, तो यहां दोनों में एक जैसे फीचर्स नजर आते हैं। हालांकि, रियल में AirDrop होता है, वहीं फेक में AirDrop के साथ कुछ चीनी भाषा के सिंबल भी आते हैं।
टिप्स नंबर-10
ऐप स्टोर (App Store)
फेक आईफोन 6 का ऐप स्टोर चाइनीज है। यानी जब आप इसके ओपन करेंगे तो ये चीनी भाषा के साथ खुलेगा। इसमें जो भी ऐप्स नजर आएंगे उन सभी के नीचे चीनी भाषा में लिखा होता है। हालांकि, ऐप सर्च के लिए इस्तेमाल होने वाली की-बोर्ड अंग्रेजी में आता है, लेकिन जब सर्च शुरू करते हैं तो वो चीनी भाषा में ही सर्च करता है। इतना ही नहीं, सर्च रिजल्ट में आने वाले सभी ऐप्स चीनी होते हैं। दूसरी तरफ, रियल आईफोन 6 में सब कुछ अंग्रेजी भाषा में आता है। यानी अगर यूजर ने बॉक्स देखकर आईफोन खरीद लिया, तो वो चीनी हैंडसेट भी हो सकता है।
Techhindi.net आपको असली और नकली आईफोन की पहचान करने के कुछ टिप्स दे रहा है, जो आपके काम आ सकते हैं। हम आईफोन 6 के ऑरिजनल और फेक स्मार्टफोन के बीच अंतर बता रहे हैं।
Real and Fake : iPhone 6
टिप्स नंबर-1
कीमत (Price)
एप्पल ने जब आईफोन 6 को लॉन्च किया था, जब 16GB (गोल्ड) वेरिएंट की कीमत भारत में करीब 56,000 रुपए तय की थी। हालांकि, अब ये फोन आपको ई-कॉमर्स साइट पर 41,450 रुपए तक मिल जाएगा। ऐसे में जरूरी है कि आप सिर्फ पॉपुलर ई-कॉमर्स वेबसाइट से ही इसे खरीदें। दूसरी तरफ, यदि आप इस फोन को रिटेल शॉप या किसी ऑफलाइन शॉप से खरीद रहे हैं और वो आपको काफी कम कीमत में देने को तैयार हो जाता है, तो जरा सावधान रहें। फोन को खरीदने से पहले इन चीजों को जरूर चेक करें।
1. बटन की लोकेशन
2. स्क्रीन साइज
3. एप्पल का लोगो
4. ऑपरेटिंग सिस्टम
5. सीरियल नंबर
6. बिल्ट-इन ऐप्स
7. मेमोरी कैपेसिटी
8. मोटाई और वजन
9. वेलकम स्क्रीन
10. वारंटी
दरअसल, किसी भी रियल और फेक हैंडसेट में इन फीचर्स का ही बड़ा अंतर होता है। ऐसे में कोई आपको ऑफिशियल स्टोर या ऑनलाइन स्टोर से कम कीमत में फेक आईफोन 6 दे सकता है।
टिप्स नंबर-2
बॉक्स (Box)
आपका नया आईफोन 6 असली है या नकली, इसकी शुरुआत उसके बॉक्स से शुरू हो जाती है। दरअसल, दोनों के बॉक्स में बड़ा अंतर है, जिसे आप पहचान जाते हैं, तो नकली आईफोन 6 खरीदने से बच जाएंगे। दोनों बॉक्स में सबसे पहला और बड़ा अंतर ये है कि असली पर ब्लैक कलर के टेक्स्ट में iPhone, जबकि नकली वाले बॉक्स पर गोल्ड या ऑरेंज कलर के टेक्स्ट में iPhone लिखा होता है। दोनों बॉक्स के साइज में भी अंतर होता है। ऑरिजनल बॉक्स कॉम्पैक्ट होता है। वहीं, फेक बॉक्स का साइज बड़ा है। इसके साथ, ऑरिजनल के पीछे फोन के बारे में कुछ लिखा होता है। साथ ही, इस पर बार कोड होता है। जबकि, फेक बॉक्स के पीछे कुछ नहीं लिखा होता।
टिप्स नंबर-3
बॉक्स के अंदर (Inside Box)
बॉक्स के अंदर सबसे पहले आईफोन 6 के साइज का प्लास्टिक कार्ड निकलता है। ऑरिजनल और फेक दोनों में ही ये कार्ड लगभग एक जैसी क्वालिटी का होता है। दोनों के सेंटर में एक होल होता है। ऑरिजनल कार्ड में कैमरा की जगह पर भी होल होता है, लेकिन फेक में ये नहीं होता। इसके बाद, फोन से संबंधित पेपर होते हैं, जिसमें ऑरिजनल की क्वालिटी बेहतर होती है। इतना ही नहीं, ऑरिजनल बॉक्स के अंदर मौजूद पेपर में सेफ्टी के लिए क्लिप भी लगी होती है।
टिप्स नंबर-4
एक्सेसरीज (Accessories)
पेपर्स के नीच की तरफ आईफोन 6 की एक्सेसरीज का प्लास्टिक ट्रे होती है। इसमें एक इयरफोन होता है। ये इयरफोन देखने में दोनों बॉक्स (ऑरिजनल और फेक) में एक जैसा होता है। ऐसे में इसकी क्वालिटी का पता सुनने के बाद ही लग सकता है। ऑरिजनल ट्रे में डाटा केबल और चार्जर की जगह होती है, जबकि फेक के अंदर सिर्फ चार्जर की जगह दिखती है। फेक बॉक्स में डाटा केबल इयरफोन के नीचे की तरफ होती है। इस तरह आप दोनों बॉक्स के अंदर के डिजाइन को देखकर भी असली-नकली का पता लगा सकते हैं।
टिप्स नंबर-5
फोन का बैक (Back of Phone)
आईफोन 6 के रियल और फेक फोन के बीच पता लगाने का आसान तरीका इसकी बैक साइड है। दरअसल, बैक कवर पर iPhone के नीचे की तरफ जो अन्य टेक्स्ट लिखे होते हैं, वो बॉटम की तरफ होते हैं। दूसरी तरफ, फेक फोन में ये सब कुछ थोड़ा ऊपर की तरफ होता है। इसके अलावा, आईफोन का लोगो फेक फोन में किसी मिरर की तरह होता है। यानी इसमें शेडो रिफलेक्ट होती है। दूसरी तरफ, ऑरिजनल फोन में लोगो रिफलेक्ट नहीं करता। हालांकि, साइनिंग इसमें भी होती है। वहीं, बैक में जो लाइन होती हैं इनमें भी बड़ा अंतर होता है।
टिप्स नंबर-6
कैमरा की पहचान (Identify Camera)
फेक आईफोन 6 का कैमरा भी ऑरिजनल से देखने में पूरी तरह अलग हैं। हालांकि, इसके लिए आपको पैनी नजर का इस्तेमाल करना होगा। दरअसल, ऑरिजनल आईफोन 6 का कैमरा अंदर की तरफ से वाइड डायमीटर में होता है। जबकि, फेक फोन का कैमरा देखने में सीधा नजर आता है और इसके चारों तरफ एक सिल्वर का डायल होता है। इसके अलावा, रियल आईफोन 6 का LED फ्लैश लाइट यलो कलर का नजर आता है और ये फैला हुआ होता है। वहीं, फेक फोन में ये फ्लैश यलो दिखाई देता है और अंदर की तरफ से सिकुड़ा होता है।
टिप्स नंबर-7
मोटाई और बटन (Thickness and Button)
जब यूजर रियल और फेक आईफोन 6 की मोटाई और बटन की तुलना करेंगे, तो सावधानी ज्यादा दिखाना होगी। दरअसल, दोनों ही फोन लगभग बराबर मोटे नजर आते हैं। हालांकि, जब दोनों को करीब से देखा जाए तो रियल फेक से थोड़ा पतला है। दूसरी तरफ, साइड बटन भी देखने में एक जैसे हैं, लेकिन जब इन्हें इस्तेमाल करते हैं तो रियल की तुलना में फेक के बटन हार्ड हैं और इन्हें दबाने में ज्यादा ताकत लगती है। वहीं, वॉल्यूम की (Key) भी रियल की ज्यादा फ्री हैं। इन्हें दबाने पर ये आवाज करती है
टिप्स नंबर-8
डिस्प्ले और आईकॉन (Display and Icon)
बॉडी और बाहरी हार्डवेयर के बाद बात करते हैं डिस्पेल और आईकॉन की। जब इन दोनों फोन को ऑन (On) किया गया, जो डिस्प्ले में सबसे बड़ा अंतर शार्पनेस का आता है। वहीं, ऊपर की तरफ जो बैटरी परसेंट का आईकॉन डिफरेंट कलर का होता है। वहीं, नीचे की तरफ कैमरा का आईकॉन भी अलग है। दोनों हैंडसेट में 'slide to unloke' का ऑप्शन भी अलग तरह से डिस्प्ले होता है। रियल आईफोन में ये ऑप्शन एनिमेशन के साथ आता है, जबकि फेक में डायरेक्ट शो करता है।
टिप्स नंबर-9
नॉटिफिकेशन स्क्रीन (Notification Screen)
दोनों आईफोन 6 (रियल और फेक) की नॉटिफिकेशन स्क्रीन में भी बड़ा अंतर है। रियल की स्क्रीन ब्लैक होती है, जबकि फेक की स्क्रीन कलरफुल है। इसके साथ, जब दोनों के Today ऑप्शन पर क्लिक करें तो रियल डे और डेट शो करता है। वहीं, फेक में ऐसा नहीं है। इसके बाद, जब कंट्रोल मेनु (नीचे की तरफ से स्क्रॉल करके) पर जाएं, तो यहां दोनों में एक जैसे फीचर्स नजर आते हैं। हालांकि, रियल में AirDrop होता है, वहीं फेक में AirDrop के साथ कुछ चीनी भाषा के सिंबल भी आते हैं।
टिप्स नंबर-10
ऐप स्टोर (App Store)
फेक आईफोन 6 का ऐप स्टोर चाइनीज है। यानी जब आप इसके ओपन करेंगे तो ये चीनी भाषा के साथ खुलेगा। इसमें जो भी ऐप्स नजर आएंगे उन सभी के नीचे चीनी भाषा में लिखा होता है। हालांकि, ऐप सर्च के लिए इस्तेमाल होने वाली की-बोर्ड अंग्रेजी में आता है, लेकिन जब सर्च शुरू करते हैं तो वो चीनी भाषा में ही सर्च करता है। इतना ही नहीं, सर्च रिजल्ट में आने वाले सभी ऐप्स चीनी होते हैं। दूसरी तरफ, रियल आईफोन 6 में सब कुछ अंग्रेजी भाषा में आता है। यानी अगर यूजर ने बॉक्स देखकर आईफोन खरीद लिया, तो वो चीनी हैंडसेट भी हो सकता है।










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