एप्पल कंपनी 9 सितंबर, बुधवार को सैन फ्रांसिस्को में एक इवेंट होस्ट करने जा रही है। इसमें कंपनी अपना नया आईफोन और एप्पल टीवी जैसे गैजेट्स लॉन्च करेगी। एप्पल अब दुनिया की सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनी बन चुकी है। कंपनी हर साल सितंबर महीने में अपना नया आईफोन लॉन्च करती है ऐसे में कंपनी और आईफोन यूजर्स के लिए ये बहुत खास इवेंट होगा।
एप्पल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स अपने अलग अंदाज के लिए फेमस थे। उन्होंने हर प्रोडक्ट में कुछ अलग निकाला था। आज Techhindi.net आपको बताने जा रहा है स्टीव जॉब्स के 10 सक्सेस फॉर्मूले के बारे में जिनसे हर कोई सीख ले सकता है।
1. भविष्य का पूर्वानुमान
स्टीव जॉब्स में भविष्य का पूर्वानुमान करने की क्षमता थी। कंपनी ने जॉब्स की इस क्षमता को सही तरीके से भुनाया। एप्पल ने CD म्यूजिक सेल को मार्केट से आउट करके डिजिटल म्यूजिक सेल पर अपना कब्जा जमाया। साथ ही कंपनी ने आईफोन को लॉन्च करके स्मार्टफोन मार्केट पर भी अपना कब्जा जमाया।
जॉब्स का मानना था कि अगर आप कुछ पाना चाहते हैं तो भविष्य का पूर्वानुमान करने की क्षमता आप में होनी ही चाहिए तभी जाकर आप अपने लक्ष्य तक पहुंच पाएंगे। इसके लिए आपको तय करना होगा कि अगले 5 साल में आप क्या पाना चाहते हैं और उसे पाने के लिए आपको आज से ही उसकी तरफ कदम बढ़ाना होगा।
2. सकारात्माक बातों के बारे में सोचें
स्टीव जॉब्स अडॉप्टेड बच्चे थे। वे चाहते तो अपने पैरेंट्स और अपनी जिंदगी से नफरत कर सकते थे और युवावस्था में बुरी आदतों की ओर आकर्षित हो सकते थे जैसा कि कई नौजवान करते हैं।
लेकिन युवा जॉब्स ने इन बातों को सकारात्मक तरीके से लिया। वे अपने एडॉप्टिव पैरेंट्स के शुक्रगुजार थे और उनके भी जिन्होंने उन्हें जन्म देकर छोड़ दिया था। जॉब्स ने अपनी एनर्जी को सही दिशा (टेक्नोलॉजी) में लगाया। और आज इसका उन्हें जो फायदा मिला वो हम सबके सामने है।
आप भी जॉब्स की इस सकारात्मक बातों को अपनाने की आदत से सीख ले सकते हैं।
3. असफलताओं से सीख लें
सभी अपने जीवन में कभी ना कभी असफल होते हैं जॉब्स भी हुए थे। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आप आगे बढ़ना छोड़ दें। जॉब्स को भी असफलता मिली थी। उन्हें 1984 में अपनी ही कंपनी एप्पल से निकाल दिया गया था।
2005 में एक कॉन्फ्रेंस में भाषण देते हुए जॉब्स ने कहा कि मैंनें तब नहीं सोचा था, लेकिन अब लगता है कि एप्पल से निकाला जाना मेरे लिए सबसे अच्छा था। इससे अच्छा मेरे लिए कुछ और हो ही नहीं सकता था। उस समय मैंने फिर से नई शुरुआत की, और वह मेरी जिंदगी का सबसे क्रिएटिव समय रहा।
4. दुनिया की सैर
एप्पल की स्थापना करने के एक साल पहले जॉब्स भारत आए थे। जॉब्स के मुताबिक नई जगहों पर जाने और घूमने से व्यक्ति का दृष्टिकोण बढ़ता है। खासकर एक बिजनेसमैन का।बिजनेसमैन के लिए घूमना सबसे ज्यादा जरूरी है क्योंकि नई जगहों पर जाने, नए लोगों से मिलने, उनकी जरूरतों को समझने से बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए नए-नए आइडियाज मिल सकते हैं।
5. सही पार्टनर चुनें
जॉब्स ने अकेले एप्पल की शुरुआत नहीं की थी। उनके पार्टनर थे स्टीव वॉजनायक। जॉब्स और वॉजनायक की जोड़ी ने एप्पल को आज दुनिया की नंबर 1 टेक कंपनी बना दी।
ठीक वैसे ही आपको भी अपनी लाइफ में सही पार्टनर की जरूरत होती है। ताकी आप सक्सेस पा सकें। आप जिन लोगों के साथ रहते या काम की शुरुआत करते हैं वे आपको बना या बिगाड़ सकते हैं इसलिए ऐसे पार्टनर का चुनाव करें जो आपको सक्सेस की तरफ ले जाए।
6. रुकावटों को अवसर मानना
एप्पल का पहला कम्प्यूटर बनाते समय जॉब्स और वॉजनायक को पैसों की तंगी से जूझना पड़ा था। पैसों की कमी के कारण काम को बीच में ही छोड़ने की नौबत आ गई थी। लेकिन दोनों ने इस मुश्किल को चुनौती के तौर पर लिया। जॉब्स ने अपनी वैन और वॉजनायक ने अपना चहेता ग्राफिक कैल्क्युलेटर बेच दिया।
मुश्किलों को चुनौती के तौर पर लेना शुरू कर दें, आप सफलता की तरफ बढ़ते चले जाएंगे।
7. रिस्क लें
स्टीव जॉब्स आईपॉड की सक्सेस के बाद मोबाइल फोन के तौर पर नया प्रोडक्ट लाना चाहते थे। वहीं कंपनी के बाकी CEO's को ये बात मंजूर नहीं थी। उनका कहना था कि मोबाइल फोन की वजह से आईपॉड का मार्केट हाथ से ना निकल जाए। लेकिन जॉब्स ने रिस्क लिया। इसका नतीजा दुनिया के सामने है। कंपनी स्मार्टफोन मार्केट पर राज कर रही है।
कई बार हमें आगे बढ़ने के लिए रिस्क लेना पड़ता है। लेकिन रिस्क लेने से पहले इसके सभी पहलुओं पर सोच विचार करना जरूरी होता है।
8. अच्छे लोगों की संगत
स्टीव जॉब्स के पास ना सिर्फ स्टीव वॉजनायक जैसे पार्टनर थे, बल्कि उन्होंने टिम कुक, जॉनी इव, जॉन लेस्चर (Pixar CCO) के साथ काम किया। इससे साफ पता चलता है जॉब्स हमेशा से पावरफुल लोगों के साथ रहे। इसका फायदा जॉब्स को मिला।
आप भी जॉब्स से सीख ले सकते हैं। इस बात पर गौर करें कि आपके आस-पास कैसे लोग रहते हैं। सक्सेस पाने के लिए ऐसे लोगों के साथ रहें जो आपकी स्किल को समझते हों और उसे निखारने में आपकी मदद करें।
9. याद रहे आप जल्द ही मरने वाले हैं
एप्पल के को-फाउंडर का मानना था कि मैं हमेशा इस इस बात को याद रखता हूं कि मैं जल्द ही मरने वाला हूं। इस बात ने मुझे बहुत ताकत दी है। इससे लाइफ में बड़े फैसले लेने में मुझे मदद मिलती है।
जॉब्स कहते हैं जब भी आप कनफ्यूज, डरे हुए या फिर फैसला लेने में अपने आप को असमर्थ पाते हैं तब एक बात याद रखें कि आप जल्द ही मर जाएंगे। लाइफ बहुत छोटी है। तो क्यों ना इसे खुलकर जिएं।
10. दूसरों से सीखने में कोई शर्म नहीं
20-21 साल की उम्र में जॉब्स ने HP और Atari जैसी टेक कंपनियों में काम किया। उन्होंने देखा कि ये कंपनियां क्या और कैसे काम कर रही हैं। उन्होंने इन कंपनियों से एप्पल के साथ कुछ नया और इनसे अलग करने की सीख ली।
आप भी जॉब्स के इस रास्ते पर चल कर दूसरों से सीख सकते हैं।
एप्पल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स अपने अलग अंदाज के लिए फेमस थे। उन्होंने हर प्रोडक्ट में कुछ अलग निकाला था। आज Techhindi.net आपको बताने जा रहा है स्टीव जॉब्स के 10 सक्सेस फॉर्मूले के बारे में जिनसे हर कोई सीख ले सकता है।
1. भविष्य का पूर्वानुमान
स्टीव जॉब्स में भविष्य का पूर्वानुमान करने की क्षमता थी। कंपनी ने जॉब्स की इस क्षमता को सही तरीके से भुनाया। एप्पल ने CD म्यूजिक सेल को मार्केट से आउट करके डिजिटल म्यूजिक सेल पर अपना कब्जा जमाया। साथ ही कंपनी ने आईफोन को लॉन्च करके स्मार्टफोन मार्केट पर भी अपना कब्जा जमाया।
जॉब्स का मानना था कि अगर आप कुछ पाना चाहते हैं तो भविष्य का पूर्वानुमान करने की क्षमता आप में होनी ही चाहिए तभी जाकर आप अपने लक्ष्य तक पहुंच पाएंगे। इसके लिए आपको तय करना होगा कि अगले 5 साल में आप क्या पाना चाहते हैं और उसे पाने के लिए आपको आज से ही उसकी तरफ कदम बढ़ाना होगा।
2. सकारात्माक बातों के बारे में सोचें
स्टीव जॉब्स अडॉप्टेड बच्चे थे। वे चाहते तो अपने पैरेंट्स और अपनी जिंदगी से नफरत कर सकते थे और युवावस्था में बुरी आदतों की ओर आकर्षित हो सकते थे जैसा कि कई नौजवान करते हैं।
लेकिन युवा जॉब्स ने इन बातों को सकारात्मक तरीके से लिया। वे अपने एडॉप्टिव पैरेंट्स के शुक्रगुजार थे और उनके भी जिन्होंने उन्हें जन्म देकर छोड़ दिया था। जॉब्स ने अपनी एनर्जी को सही दिशा (टेक्नोलॉजी) में लगाया। और आज इसका उन्हें जो फायदा मिला वो हम सबके सामने है।
आप भी जॉब्स की इस सकारात्मक बातों को अपनाने की आदत से सीख ले सकते हैं।
3. असफलताओं से सीख लें
सभी अपने जीवन में कभी ना कभी असफल होते हैं जॉब्स भी हुए थे। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आप आगे बढ़ना छोड़ दें। जॉब्स को भी असफलता मिली थी। उन्हें 1984 में अपनी ही कंपनी एप्पल से निकाल दिया गया था।
2005 में एक कॉन्फ्रेंस में भाषण देते हुए जॉब्स ने कहा कि मैंनें तब नहीं सोचा था, लेकिन अब लगता है कि एप्पल से निकाला जाना मेरे लिए सबसे अच्छा था। इससे अच्छा मेरे लिए कुछ और हो ही नहीं सकता था। उस समय मैंने फिर से नई शुरुआत की, और वह मेरी जिंदगी का सबसे क्रिएटिव समय रहा।
4. दुनिया की सैर
एप्पल की स्थापना करने के एक साल पहले जॉब्स भारत आए थे। जॉब्स के मुताबिक नई जगहों पर जाने और घूमने से व्यक्ति का दृष्टिकोण बढ़ता है। खासकर एक बिजनेसमैन का।बिजनेसमैन के लिए घूमना सबसे ज्यादा जरूरी है क्योंकि नई जगहों पर जाने, नए लोगों से मिलने, उनकी जरूरतों को समझने से बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए नए-नए आइडियाज मिल सकते हैं।
5. सही पार्टनर चुनें
जॉब्स ने अकेले एप्पल की शुरुआत नहीं की थी। उनके पार्टनर थे स्टीव वॉजनायक। जॉब्स और वॉजनायक की जोड़ी ने एप्पल को आज दुनिया की नंबर 1 टेक कंपनी बना दी।
ठीक वैसे ही आपको भी अपनी लाइफ में सही पार्टनर की जरूरत होती है। ताकी आप सक्सेस पा सकें। आप जिन लोगों के साथ रहते या काम की शुरुआत करते हैं वे आपको बना या बिगाड़ सकते हैं इसलिए ऐसे पार्टनर का चुनाव करें जो आपको सक्सेस की तरफ ले जाए।
6. रुकावटों को अवसर मानना
एप्पल का पहला कम्प्यूटर बनाते समय जॉब्स और वॉजनायक को पैसों की तंगी से जूझना पड़ा था। पैसों की कमी के कारण काम को बीच में ही छोड़ने की नौबत आ गई थी। लेकिन दोनों ने इस मुश्किल को चुनौती के तौर पर लिया। जॉब्स ने अपनी वैन और वॉजनायक ने अपना चहेता ग्राफिक कैल्क्युलेटर बेच दिया।
मुश्किलों को चुनौती के तौर पर लेना शुरू कर दें, आप सफलता की तरफ बढ़ते चले जाएंगे।
7. रिस्क लें
स्टीव जॉब्स आईपॉड की सक्सेस के बाद मोबाइल फोन के तौर पर नया प्रोडक्ट लाना चाहते थे। वहीं कंपनी के बाकी CEO's को ये बात मंजूर नहीं थी। उनका कहना था कि मोबाइल फोन की वजह से आईपॉड का मार्केट हाथ से ना निकल जाए। लेकिन जॉब्स ने रिस्क लिया। इसका नतीजा दुनिया के सामने है। कंपनी स्मार्टफोन मार्केट पर राज कर रही है।
कई बार हमें आगे बढ़ने के लिए रिस्क लेना पड़ता है। लेकिन रिस्क लेने से पहले इसके सभी पहलुओं पर सोच विचार करना जरूरी होता है।
8. अच्छे लोगों की संगत
स्टीव जॉब्स के पास ना सिर्फ स्टीव वॉजनायक जैसे पार्टनर थे, बल्कि उन्होंने टिम कुक, जॉनी इव, जॉन लेस्चर (Pixar CCO) के साथ काम किया। इससे साफ पता चलता है जॉब्स हमेशा से पावरफुल लोगों के साथ रहे। इसका फायदा जॉब्स को मिला।
आप भी जॉब्स से सीख ले सकते हैं। इस बात पर गौर करें कि आपके आस-पास कैसे लोग रहते हैं। सक्सेस पाने के लिए ऐसे लोगों के साथ रहें जो आपकी स्किल को समझते हों और उसे निखारने में आपकी मदद करें।
9. याद रहे आप जल्द ही मरने वाले हैं
एप्पल के को-फाउंडर का मानना था कि मैं हमेशा इस इस बात को याद रखता हूं कि मैं जल्द ही मरने वाला हूं। इस बात ने मुझे बहुत ताकत दी है। इससे लाइफ में बड़े फैसले लेने में मुझे मदद मिलती है।
जॉब्स कहते हैं जब भी आप कनफ्यूज, डरे हुए या फिर फैसला लेने में अपने आप को असमर्थ पाते हैं तब एक बात याद रखें कि आप जल्द ही मर जाएंगे। लाइफ बहुत छोटी है। तो क्यों ना इसे खुलकर जिएं।
10. दूसरों से सीखने में कोई शर्म नहीं
20-21 साल की उम्र में जॉब्स ने HP और Atari जैसी टेक कंपनियों में काम किया। उन्होंने देखा कि ये कंपनियां क्या और कैसे काम कर रही हैं। उन्होंने इन कंपनियों से एप्पल के साथ कुछ नया और इनसे अलग करने की सीख ली।
आप भी जॉब्स के इस रास्ते पर चल कर दूसरों से सीख सकते हैं।

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