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लैपटॉप बैटरी व मेमोरी को बढ़ाने के वादे के साथ आया नया Google Chrome

आज कल अधिकतर इंसान ‘गूगल क्रोम ब्राउजर’ का उपयोग करता है पर कुछ कारणों से नापसंद भी करता है। क्रोम एक ऐसा वेब ब्राउजर है जो फास्ट है लेकिन लैपटॉप की बैटरी लाइफ को प्रभावित करता है और रैम को भी खाता है, और इसी वजह से यूजर्स क्रोम को नापसंद करते हैं। लेकिन नये क्रोम ‘वर्जन 45’ के साथ गूगल का वादा है कि ये सभी प्रॉब्लम्स फिक्स हो जाएंगे। यह कहता है कि नया क्रोम ब्राउजर 10 प्रतिशत कम रैम की खपत करेगा और बैटरी को 15 प्रतिशत अतिरिक्त समय प्रदान करेगा।

गूगल के प्रवक्ता ने कंपनी के ब्लॉग में लिखा है, ‘अब क्रोम यह डिटेक्ट कर सकता है कि वेबपेज कुछ अन्य टास्क के साथ कब बिजी है और फ्री टाइम का उपयोग वह पुराने को डिलीट करने में करेगा। उदाहरण के लिए Gmail में हम टैब के द्वारा उपयोग किए जाने वाले मेमोरी की एक तिहाई को फ्री कर सकते हैं।‘

बैटरी सेविंग की बात करें तो नया क्रोम फ्लैश कंटेंट पर काम कर रहा है। अब क्रोम बाइ डिफॉल्ट ही फ्लैश कंटेंट को ऑटो-पॉज करेगा जो कि वेबसाइट पर केंद्रित नहीं होगा।

गूगल के प्रवक्ता ने कहा, ‘हमारी टेस्टिंग ने दिखाया हे कि इस सेटिंग को ऑन करते ही आपके ऑपरेटिंग सिस्टम को देखते हुए बैटरी 15 प्रतिशत अधिक चलेगी। इसलिए अगले कुछ हफ्तों में सभी यूजर्स के लिए डिफॉल्ट ही हम इस फीचर को ऑन करने जा रहे हैं।‘

गूगल ने वर्ष 2008 में क्रोम लांच किया था। उस वक्त Mozilla Firefox और Internet Explorer प्रमुख वेब ब्राउजर थे। इसबीच धीरे लेकिन लगातार वेब पेज पर फोकस करते हुए क्रोम यूजर्स को अपने फीचर्स की ओर आकर्षित कर रहा था। वर्तमान में यह दुनिया में सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला वेब ब्राउजर है।
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