देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी फ्लिपकार्ट ने सिर्फ ऐप के जरिये बिजनेस करने का इरादा टाल दिया है । कंपनी के दो सूत्रों ने बताया कि अब तक हमने यह अंदाजा नहीं लगाया है कि इसका बड़े अप्लायंसेज और फर्निचर जैसे महंगे सामान की बिक्री पर क्या असर पड़ेगा। इसलिए अभी इसे टाला जा रहा है।
इनमें से एक ने इकनॉमिक टाइम्स को बताया, 'वाइट गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और बड़े अप्लायंसेज बेचने वाले सेलर्स को सिर्फ ऐप वाली योजना पर ऐतबार नहीं है।
फ्लिपकार्ट आगे इस पर अमल कर सकती है, लेकिन अभी इसे रोक दिया गया है और सितंबर में इसका आना मुश्किल लग रहा है।' कंपनी के चीफ प्रॉडक्ट ऑफिसर पुनीत सोनी फ्लिपकार्ट के 'प्रोजेक्ट शॉ' को हेड कर रहे हैं, जिसके तहत मोबाइल फर्स्ट पहल पर काम हो रहा है। वह सितंबर में फ्लिपकार्ट की डेस्कटॉप साइट को बंद करना चाहते थे। हालांकि, ऐप वाली योजना को टालने पर ईटी की ओर से भेजी गई मेल का सोनी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
कंपनी की प्रवक्ता ने बताया, 'हम अपनी सर्विस के कई पहलुओं को लेकर लगातार प्रयोग कर रहे हैं। इसका मकसद अपने ऐप के जरिये यूजर्स को बेस्ट एक्सपीरियंस देना है। हालांकि, इस बीच कंपनी अपने कस्टमर्स को डेस्कटॉप और मोबाइल ऑप्शन, दोनों देना जारी रखेगी।'
फ्लिपकार्ट ने बताया कि उसके कुल ट्रैफिक में मोबाइल ऐप का कंट्रीब्यूशन 70-75% है ।
भारत में स्मार्टफोन के जरिये इंटरनेट एक्सेस करने वालों की संख्या बढ़ रही है। इसलिए ई-कॉमर्स कंपनियों का ऐप पर जोर है। हालांकि, ऐप से उन्हें यूजर्स के बारे में अधिक डेटा मिलता है, जिससे कंपनियां उनके इंट्रेस्ट और जरूरतों को ध्यान में रखकर ज्यादा पर्सनलाइज्ड एक्सपीरियंस ऑफर कर पाती हैं। यह डेटा यूजर्स की बाइंग और ब्राउजिंग हिस्ट्री का होता है।
हालांकि, महंगे सामान बेचने वाले सेलर्स फ्लिपकार्ट के सिर्फ ऐप वाले कदम को लेकर आशंकित हैं। उनका मानना है कि इससे खरीदारी से पहले यूजर्स के प्रॉडक्ट्स के बारे में रिसर्च करने पर बुरा असर होगा।
इंडस्ट्री के लोग भी इससे सहमत हैं। मोबाइल ऐप बेस्ड फैशन रिटेलर वूनिक के को-फाउंडर और सीईओ एस अली ने कहा, 'कुछ कैटिगरीज़ को बड़ी स्क्रीन पर अच्छी तरह देखा जा सकता है। सिर्फ ऐप के जरिये सर्विस देने पर लोगों के ऑफिस से ब्राउजिंग पर असर पड़ेगा। वे प्राइस या वैल्यू के बारे में भी अच्छी तरह तुलना नहीं कर पाएंगे।' हालांकि, फ्लिपकार्ट की सब्सिडरी मिंत्रा इस साल मई से सिर्फ ऐप पर ही चल रही है।

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