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इन 5 प्रोडक्ट से जुड़ी है Apple की कामयाबी, यूं मिलती गई सफलता

दुनिया की नंबर वन कंपनी एप्पल 9 सिंतबर को अपना नया आईफोन लॉन्च करने जा रही है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक इस नए हैंडसेट का नाम आईफोन 6S और आईफोन 6S प्लस होगा। उम्मीद है कि पिछले आईफोन की तुलना में नया ज्यादा बेहतर होगा। साथ ही, यूजर्स की उम्मीद पर खरा उतरेगा। वैसे, नंबर वन स्मार्टफोन मेकर कंपनी बनने वाली एप्पल का सफर 1976 में शुरू हुआ था। उस वक्त शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि एक दिन दुनियाभर में एप्पल सबसे कामयाब टेक कंपनी बन जाएगी होगी।

एप्पल की कामयाबी का सफर कैसे शुरू हुआ और वो कौन से प्रोडक्ट थे, जिन्होंने इस कंपनी को आज इस मुकाम पर पहुंचा दिया।

Techhindi.net आपको एप्पल की कामयाबी से जुड़े उन प्रोडक्ट के बारे में बता रहा है।

एप्पल की शुरुआत :
कम्प्यूटर कंपनी के तौर पर एप्पल ने साल 1976 में शुरुआत की थी। इसके बाद, स्टीव जॉब्स और स्टीव वॉजनियाक ने एप्पल के प्रोडक्ट को आसान फीचर्स और यूजर फ्रेंडली बनाकर लोगों के बीच पॉपुलर बना दिया।

पहला आईफोन और आईपैड :
एप्पल के सर्वाधिक बिकने वाले प्रोडक्ट्स में आईफोन और आईपैड शामिल हैं। 29 जून, 2007 को पहला आईफोन लॉन्च करने के बाद 3 अप्रैल, 2010 को कंपनी ने पहला आईपैड लॉन्च किया था। इन दोनों गैजेट्स के चलते 2011-2012 में एप्पल सबसे महंगी पब्लिक ट्रेड कंपनियों में से एक बन गई।

सर्वाधिक सेल में भी आगे :
दुनिया में सर्वाधिक बिकने के साथ ही लोकप्रिय बन चुके प्रोडक्ट की बात करें, तो एप्पल के प्रोडक्ट्स सबसे आगे हैं। ऑल टाइम बेस्ट सेलर्स (USAtoday) की लिस्ट में एप्पल का आईपैड पांचवें स्थान पर दर्ज है। लिस्ट के मुताबिक, कंपनी ने लगभग 211 लाख आईपैड बेचकर रिकॉर्ड बनाया। वहीं, आईफोन लिस्ट में नौवें नंबर पर हैं। इस सफलता के चलते एप्पल एक ही लिस्ट में दो बार स्थान पाने वाली कंपनी भी बन चुकी है। काउंटर प्वाइंट टेक्नोलॉजी रिसर्च टीम के मुताबिक, फरवरी 2014 के दौरान आईफोन 5S और 5C ऐसे दो उत्पाद हैं, जो स्मार्टफोन सेलिंग में अव्वल बने हुए हैं। वहीं, सैमसंग गैलेक्सी S4 को यहां तीसरा स्थान मिला है।

एप्पल ii (apple ii)
एप्पल-i लॉन्च होने के एक साल बाद एप्पल-ii लॉन्च किया गया। इस प्रोडक्ट ने कंपनी की दिशा-दशा को पूरी तरह बदल दिया। इस फोन को स्टीव वॉजनियाक द्वारा डिजाइन किया गया था। यह उस दौर का वह पर्सनल कम्प्यूटर था, जो सबसे ज्यादा सेल हुआ। वास्तव में एप्पल-i कम्प्यूटर्स की एक सीरीज थी, जो एप्पल-ii के आने तक जारी रही। नवंबर 1993 में इस सीरीज को बंद कर दिया गया। एप्पल-ii दुनिया का ऐसा पहला पर्सनल कम्प्यूटर था, जिसमें कलर ग्राफिक्स के साथ दो गेमिंग पैडल्स की सुविधा दी गई थी। उस समय इस कम्प्यूटर की कीमत करीब ढाई हजार यूएस डॉलर यानी लगभग 1,66716 रुपए थी।

मैक (Mac)
एप्पल-2 सीरीज की लोकप्रियता को भुनाने के बाद एप्पल द्वारा जारी किया गया एप्पल-3 बाजार में फेल हो गया। यह कंपनी के लिए काफी नुकसानदेह साबित हुआ। इससे हुए घाटे से कंपनी उबर नहीं पाई। हालांकि, साल 1984 में जब steve jobs ने मैक लॉन्च किया तो परिस्थितियां बदल गईं। शानदार डिजाइन के तौर पर मैक कम्प्यूटर पहचान बनाने में कामयाब रहा। इस कम्प्यूटर में मॉनिटर, की-बोर्ड और माउस के साथ ही GUI यानी ग्राफिकल यूजर इंटरफेस का भी इस्तेमाल हुआ। एप्पल मैकिनतोश के नाम से बेचे जाने के बाद मैक 512 के नाम से भी इसे जाना गया।

आईमैक (Imac)
एप्पल कंपनी को steve jobs के बाहर जाने के बाद कई असफलताओं का सामना करना पड़ा। साल 1998 में जॉब्स के कंपनी में फिर से शामिल होने के बाद कंपनी ने कम्प्यूटर की आईमैक सीरीज का एलान किया। इसकी शुरुआत आईमैक 3G के नाम से हुई। इसकी खासियत यह थी कि यह एक कम्पलीट पर्सनल कम्प्यूटर था, जिसमें CPU और मॉनिटर एक साथ था। आईमैक ही वो पहला कम्प्यूटर था, जिसने USB पोर्ट को स्टैंडर्ड के तौर पर स्थापित किया।

आईट्यून्स (itunes)
क्वालिटी हार्डवेयर बनाने के लिए एप्पल कंपनी का हमेशा ही चर्चा रही है, लेकिन आईट्यून्स स्टोर ने कंपनी का भाग्य बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एप्पल ने जनवरी 2001 में एक तरह के डिजिटल ज्यूक बॉक्स को जारी किया। इस प्रोग्राम के जरिए यूजर को इस बात की सहूलियत मिली कि वो सभी गानों को कम्प्यूटर में एक ही जगह पर स्टोर कर सकता था। बाद में, आईट्यून्स के फीचर्स को बढ़ाते हुए CD बर्न करने, MP3 एल्बम खरीदने, मूवी और टीवी शो देखने की सुविधा भी शुरू कर दी गई। इतना ही नहीं, किताब पढ़ने जैसी सुविधाएं भी यूजर्स को एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलने से लोगों को काफी सहूलियत हो गई।

आईपॉड (ipod)
एप्पल ने अक्टूबर 2001 के दौरान आईपॉड लॉन्च कर डिजिटल दुनिया में एक बार फिर बड़ा धमाका किया। कंपनी का ये प्रोडक्ट यूजर्स को दिल जीतने में कामयाब रहा। इस डिवाइस में यूजर्स हजारों गानों को स्टोर कर सकता था और कभी भी सुन सकता था। सबसे अच्छी बात ये थे कि इसे आसानी से जेब में कैरी कर सकते थे। पहला आईपॉड नवंबर 2001 में बेचा गया। आईपॉड की खासियत उसमें दी गई स्क्रॉल करने की सुविधा थी। इससे यूजर म्यूजिक लाइब्रेरी को आसानी से देख सकता था। शुरुआत में 5GB से 10GB की स्टोरेज क्षमता के साथ आईपॉड बाजार में बिकने में आया। अब इसकी स्टोरेज कैपिसिटी बढ़कर 160GB हो चुकी है।
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