टेक मार्केट में इन दिनों एप्पल आईफोन 6S और 6S प्लस की चर्चा हो रही है। मई 2015 में जर्मन पब्लिकेशन ComputerBild के डिजाइनर मार्टिन हैजेक ने आईफोन के नए हैंडसेट के कॉन्सेप्ट को लेकर चर्चा शुरू की थी। वैसे, 9 सितंबर को एप्पल अपना मेगा इवेंट करने जा रही है, जिसमें नए स्मार्टफोन से पर्दा उठ जाएगा। अब तक मार्केट में सभी आईफोन सफल रहे हैं। ऐसे में यूजर्स को नए हैंडसेट से भी काफी उम्मीद है।
एप्पल दुनिया की नंबर वन स्मार्टफोन कंपनी है। इस कंपनी का नया ऑफिस भी सुर्खियों में है। स्पेसशिप के जैसे दिखने वाले इस ऑफिस का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन इससे जुड़े कई ऐसे फैक्ट्स हैं जो इस ऑफिस को खास बना देते हैं।
Techhindi.netआपको एप्पल के नए ऑफिस से जुड़े ऐसे ही फैक्ट्स बता रहा है।
कितना बड़ा है एप्पल का नया कैम्पस :-
एप्पल के नए ऑफिस का कैम्पस 2.8 मिलियन यानी करीब 2,80,0000 वर्ग फीट एरिए में फैला हुआ है। इस कैम्पस में 176 एकड़ की एक साइट है। यहां बन रही बिल्डिंग में 13,000 कर्मचारी एक बिल्डिंग में काम करेंगे। ये बिल्डिंग करीब एक मील से अधिक एरिए में फैली है। इतना ही नहीं, यहां पर 3,00,000 वर्ग फीट में रिसर्च सुविधाएं और अंडरग्राउंड पार्किंग दी गई है।
मई 2014 में एप्पल ने सनीवेल क्रॉसिंग के तौर पर पहचाने जाने वाले सनीवेल का 290,000 वर्ग फुट एरिया किराए नए ऑफिस के लिए किराए पर लिया था। इस अतिरिक्त स्पेस के आने से यहां के कैम्पस में 7 अतिरिक्त बिल्डिंग और प्रोवाइडर रूम करीब 1,450 कर्मचारियों के लिए बनाया गया। ये पूरा एरिया स्पेसशिप कैम्पस के पास स्थित है, जिसे इन्फनिट लूप कैम्पस के तौर पर जाना जाता है।
नए एप्पल कैम्पस का डिजाइन :-
इस चार मंजिला सर्कुलर संरचना वाली बिल्डिंग के चारों तरफ कांच की दीवार है। ये किसी भी तरफ से देखने पर एक रिंग के जैसी दिखती है। इस बिल्डिंग को बनाने में करीब 6 किलोमीटर कांच के ग्लास का इस्तेमाल किया गया है। इस काम के लिए ब्रिटिश फर्म Forster+Partners को आर्किटेक्ट के लिए चुना गया, जो इससे पहले कांच के कई प्रोजेक्ट कर चुके हैं। इन प्रोजेक्ट्स में वेम्बले स्टेडियम, स्टेंस्टेड एयरपोर्ट, लंदन का मिलेनियम ब्रिज, न्यूयॉर्क की Hearst टावर समेत कई बिल्डिंग शामिल हैं।
इस लार्ज बिल्डिंग को कॉफी हाउस, लॉबीज और प्रवेश द्वार में तोड़ा गया है। इस बिल्डिंग में जो रेस्टोरेंट बने हैं वो लैंडस्केप में ओपन होते हैं। कार पार्किंग की अंडरग्राउंड रखा गया है। ऐसे में एप्पल के इस नए ऑफिस में आपको बाहर की तरफ कोई कार दिखाई नहीं देगी। एप्पल के इस नए कैम्पस से जुड़ा एक वीडियो टेक्नोलॉजी इंटिग्रेशन सर्विस के द्वारा पब्लिकली में रिलीज किया गया था। जबकि, एप्पल का इस कंपनी से कोई नाता नहीं है। इस वीडियो में एप्पल की स्पेसशिप बिल्डिंग को दिखाया गया है। साथ ही, कैम्पस की बीच में एक फाउंटेन दिखाया गया है जिसमें एप्पल कर्मचारी नजर आ रहे हैं।
आर्कटेक नॉरमेस फोस्टर के मुताबिक एप्पल के CEO स्टीव जॉब्स ने उन्हें अपनी टीम का हिस्सा बनाने के लिए अनुरोध किया था। फोस्टर ने वीडियो में दावा किया है कि स्टीव अपने बचपन से कैलिफोर्निया परिदृश्य को प्रतिबिंबित करने के लिए नए परिसर चाहते थे। वहीं, एप्पल के सीनियर आर्बोरिस्ट डेविड मूफले बताते हैं कि एप्पल की कैलिफोर्निया को क्यूपरटिनो में वापस लाने की योजना थी। स्टीव जॉब्स स्टैनफोर्ड परिसर में स्थित बड़ी जगह जो मुख्य क्वाड के नाम से जानी जाती है, उससे काफी प्रभावित थे।
प्लान के मुताबिक एप्पल के इस नए ऑफिस को 2015 की मध्य में तैयार होना था, लेकिन ये अपने शेड्यूल से काफी लेट हो गया। हालांकि, इस बात की उम्मीद है कि साल 2016 में एप्पल के कर्मचारी यहां स्थित सेकंडरी बिल्डिंग में शिफ्ट हो जाएंगे। एप्पल का नया कैम्पस पूरी तरह से आत्मनिर्भर होगा। यहां पर सभी तरह की सुविधाएं कर्मचारियों को दी जाएंगी। कैम्पस से जुड़े सू्त्रों की मानें तो यहां वन साइट लो कार्बन सेंट्रल प्लांट लगाया गया है। यहां मौजूद बिल्डिंग के ऊपर सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिनका इस्तेमाल पावर बैकअप के तौर पर किया जाएगा।


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